सदर बाजार की रौनक, फौजी अनुशासन और नवाबी विरासत: लखनऊ कैंट में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की साख और 2027 का महा-दंगल नमस्कार साथियों ! आज हम पहुंचे हैं उत्तर प्रदेश की सत्ता के केंद्र लखनऊ की उस सीट पर, जहाँ प्रदेश का सबसे संभ्रांत, शिक्षित और सियासी रूप से जागरूक मतदाता रहता है— लखनऊ कैंट विधानसभा (175) । लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड के ब्रिटिशकालीन बंगलों, चारबाग रेलवे स्टेशन, सदर बाजार, आलमबाग, चंदर नगर और कृष्णानगर के रिहायशी इलाकों को समेटे यह सीट भाजपा का ऐसा अजेय गढ़ मानी जाती है जिसे 1993 के बाद से केवल 2012 में कांग्रेस की प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ही एक बार भेद पाई थीं। 2022 का विधानसभा चुनाव यहाँ बेहद प्रतिष्ठापूर्ण था। 2017 में लखनऊ मध्य से जीतकर योगी सरकार में कानून मंत्री रहे बृजेश पाठक को पार्टी ने कैंट की कठिन चुनौती संभालने भेजा। सामने समाजवादी पार्टी ने सिख व पंजाबी समाज के कद्दावर स्थानीय नेता सुरेंद्र सिंह 'गांधी' को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया। लेकिन नतीजों में बृजेश पाठक का संगठन और व्यक्तिगत जनसंपर्क भारी पड़ा। उन्होंने 39,512 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल...