📌 बरेली जिले का राजनैतिक मिजाज और रुहेलखंड का जमीनी समीकरण___ उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड क्षेत्र का दिल कहे जाने वाले बरेली जिले की राजनैतिक हलचल लखनऊ से लेकर दिल्ली तक असर डालती है। बरेली का चुनावी मैदान अपनी अनूठी डेमोग्राफी (जातीय बनावट) के लिए जाना जाता है, जहाँ मुस्लिम, कुर्मी (गंगवार), मौर्य, दलित और ब्राह्मण मतदाताओं का भारी बाहुल्य है। यहाँ की राजनीति मुख्य रूप से सवर्ण-ओबीसी गठजोड़ और अल्पसंख्यक ध्रुवीकरण के इर्द-गिर्द घूमती है। अगर पिछले इतिहास की बात करें, तो 2017 की लहर में भाजपा ने यहाँ 9 में से 9 सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया था। लेकिन 2022 के चुनाव में पासा थोड़ा पलटा और समाजवादी पार्टी (SP) ने दमदार वापसी करते हुए 2 सीटें (भोजीपुरा और बहेड़ी) भाजपा से छीन लीं, जबकि 7 सीटों पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। वर्तमान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार और अन्य कद्दावर चेहरों के कारण यहाँ भाजपा का सांगठनिक ढांचा बेहद मजबूत है, लेकिन सपा भी 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे 2027 में बड़ा उलटफेर करने का दावा कर रही है। छुट्ट...