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🗳️ UP चुनाव 2027 पूर्वांचल महा-दंगल: क्या मोदी-योगी के विकास पर भारी पड़ेगा अखिलेश का 'PDA'? जानिए 150+ सीटों का मिजाज व लाइव पोल !

गंगा के ऐतिहासिक घाट, गोरखनाथ पीठ की गूंज और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सियासी रार: 2027 में सत्ता का निर्णायक अखाड़ा नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी महा-मंथन में आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक पुरानी और अकाट्य कहावत है: "जिसने जीता पूर्वांचल, लखनऊ की कुर्सी उसी के नाम।" उत्तर प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 28 जिले पूर्वांचल के दायरे में आते हैं, जहाँ विधानसभा की लगभग 150 से अधिक सीटें हैं। यह वही इलाका है जिसने देश को कई प्रधानमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिए हैं। 2017 में भाजपा ने पूर्वांचल में एकतरफा झाड़ू लगाते हुए 115 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल की सियासी फिजा काफी हद तक बदलती दिखी। 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या), आजमगढ़, लालगंज, गाजीपुर, घोसी और जौनपुर जैसी सीटों पर सपा-कांग्रेस गठबंधन ने भाजपा को तगड़ा झटका दिया। अब 2027 का चुनाव यह तय करेगा कि क्या पूर्वांचल में भाजपा अपने विकास और हिंदुत्व के मॉडल से खोई हुई ...

UP चुनाव 2027: क्या मायावती बनेंगी किंगमेकर या खत्म होगा बसपा का वजूद? जानिए 86 आरक्षित सीटों का मूड, चंद्रशेखर का उभार व लाइव पोल

कांशीराम का सामाजिक आंदोलन, 86 आरक्षित सीटों का अंकगणित और 'हाथी' की चाल: 2027 में बहुजन सियासत का सबसे बड़ा इम्तिहान नमस्कार साथियों! बिंदास पोल (Bindaas Poll) के विशेष चुनावी विश्लेषण में आपका स्वागत है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजता है, तो सबकी निगाहें सिर्फ दो बड़ी पार्टियों पर नहीं टिकतीं, बल्कि उस तीसरे कोण पर ठहर जाती हैं जिसने 2007 में अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी— बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और मायावती । 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद यह सवाल हर राजनीतिक विश्लेषक और आम मतदाता की जुबान पर है: "क्या 2027 में मायावती की बसपा अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाकर त्रिशंकु विधानसभा में 'किंगमेकर' बनेगी, या उत्तर प्रदेश का चुनाव पूरी तरह भाजपा बनाम सपा के दोतरफा ध्रुवीकरण में तब्दील हो जाएगा?" उत्तर प्रदेश की कुल 403 सीटों में से 86 सीटें (84 SC और 2 ST) आरक्षित हैं। इतिहास गवाह है कि लखनऊ की सत्ता पर वही दल काबिज होता है जो इन 86 आरक्षित सीटों पर एकतरफा बढ़त बनाता है। 2017 और 2022 में भाजपा ने गैर-जाटव दलित मतो...