🎙️ ग्राउंड रिपोर्ट: बुंदेलखंड का दिल, रानी लक्ष्मीबाई का किला और झांसी जिले की 4 सीटों पर 2027 का चुनावी चक्रव्यूह! "खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी..." की ऐतिहासिक गूंज, बुंदेली माटी का स्वाभिमान और बेतवा-पहुंज नदियों की छांव वाला झांसी जिला बुंदेलखंड अंचल का सबसे बड़ा राजनीतिक और व्यापारिक पावर-हाउस है। इस जिले की राजनीति केवल जातीय गणित पर ही नहीं, बल्कि पानी की किल्लत, अन्ना मवेशियों के दर्द और बुंदेलखंडी अस्मिता के इर्द-गिर्द घूमती है। यहाँ ब्राह्मण, कुशवाहा, दलित (जाटव/कोरी), राजपूत (ठाकुर), यादव, निषाद और वैश्य समाज का मजबूत ताना-बाना है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में झांसी जिले की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल करके 4-0 से क्लीन स्वीप किया था। झांसी नगर (224) सीट से रवि शर्मा, बबीना (223) सीट से राजीव सिंह 'परीछा', गरौठा (226) सीट से जवाहर लाल राजपूत और मऊरानीपुर आरक्षित (225) सीट से एनडीए सहयोगी अपना दल (एस) की डॉ. रश्मि आर्य ने जीत दर्ज की थी। लेकिन 2024 के लोकसभा नतीजों के बाद बुंदेलखंड की चौपालों में ...