कानपुर देहात की रसूलाबाद में कुर्मी-दलित गणित, भोगनीपुर और सिकंदरा का सस्पेंस | जानिए ग्राउंड सर्वे !
🎙️ ग्राउंड रिपोर्ट: सेंगर और रिंद नदी की छांव, देहाती चौपालों की गपशप और कानपुर देहात की 4 सीटों पर 2027 की बिसात! कानपुर महानगर से सटा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का गृह जिला और अपनी ठेठ देहाती मिठास के लिए जाना जाने वाला कानपुर देहात (Kanpur Dehat) उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी खास धुरी रखता है। अकबरपुर मुख्यालय वाले इस जिले की राजनीति केवल नारों पर नहीं, बल्कि कुर्मी (कटियार/सचान), ब्राह्मण, राजपूत (ठाकुर), यादव, निषाद, वैश्य और दलित (जाटव/कोरी/पासी) वोटरों के पेचीदा सामाजिक ताने-बाने पर टिकती है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कानपुर देहात जिले की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल कर 4-0 से क्लीन स्वीप किया था। अकबरपुर-रनिया (206) से प्रतिभा शुक्ला, भोगनीपुर (208) से कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, सिकंदरा (207) से अजीत सिंह पाल और रसूलाबाद आरक्षित (205) सीट से पूनम संखवार ने जीत का परचम फहराया था। लेकिन 2024 के लोकसभा नतीजों में अकबरपुर व कन्नौज से सटे इलाकों के नए रुझानों और सपा के 'PDA' कार्ड के चले दांव के बाद 2027 का विधानसभा...